Wednesday, 21 February 2018

एक अप्रेल से पहले निपटा ले ये काम वरना होंगे परेशान

एक अप्रेल से पहले निपटा ले ये काम वरना होंगे परेशान

चालू वित्त वर्ष 2017-18 खत्म होने में अब सिर्फ 39 दिन का ही समय बचा है। एक वित्त वर्ष के दौरान लोग टैक्स की बचत के लिए तरह-तरह के विकल्पों में निवेश करते हैं, लेकिन इन विकल्पों में किया गया निवेश तभी टैक्स बचत का फायदा देता है, जब एक वित्त वर्ष के दौरान एक नियत तारीख तक निश्चित निवेश बरकरार किया जाए।
ऐसा न करने पर हमें नुकसान होता है यानी हमें पेनाल्टी भी देनी पड़ जाती है। इनफिनिटी वर्ल्ड अपनी इस खबर के माध्यम से आपको ऐसे ही कुछ विकल्पों के बारे में बता रहा है जो 31 मार्च तक आपको एक निश्चित निवेश राशि सुनिश्चित करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। नेशनल पेंशन सिस्टम: नेशनल पेंशन सिस्टम एक बेहतर निवेश विकल्प माना जाता है। यह टैक्स सेविंग के लिहाज से भी अच्छा विकल्प माना जाता है। अगर आपने भी एनपीएस में अपना अकाउंट खुलवा रखा है तो यह सुनिश्चित कर लें कि 31 मार्च 2018 से पहले-पहले आपके अकाउंट में मिनिमम 1,000 रुपए जमा कराए जा चुके हों। ऐसा न होने की सूरत में आपका अकाउंट फ्रीज भी हो सकता है। आपको फिर से अपना अकाउंट एक्टिव करवाने के लिए 100 रुपए की पेनाल्टी देनी होगी। सुकन्या समृद्धि स्कीम: बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिहाज से सुकन्या समृद्धि योजना को एक बेहतर स्कीम माना जाता है। इस स्कीम के तहत खोले गए अकाउंट में भी एक वित्त वर्ष के दौरान 1,000 रुपए जमा करवाना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो मिनिमम डिपॉजिट न होने की सूरत में आपको 50 रुपए की पेनल्टी देनी पड़ सकती है। ब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ): टैक्स सेविंग और निवेश के लिहाज से पीपीएफ को भी एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इस अकाउंट में भी एक निश्चित राशि सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप सुनिश्चित कर लें कि 31 मार्च से पहले आपके अकाउंट में 500 रुपए जमा किए जा चुके हों। ऐसा न होने पर आपको 50 रुपए जुर्माना अदा करना होगा और इसी के बाद आपका अकाउंट फिर से एक्टिव किया जाएगा। इन चीजों के अलावा आपको 31 मार्च के पहले सभी बैंक खातों में अपना आधार लिंकिंग, एमएफ-शेयर में आधार लिंकिंग या आपके द्वारा ली गई पॉलिसी में आधार लिंकिंग करवाना जरूरी है। इन सबके साथ ही आपको 31 मार्च तक अपना रिटर्न फाइल जमा करना है।

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